ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने बेन स्टोक्स की तुलना भारत के महान खिलाड़ी एमएस धोनी से की है। उनका मानना है कि इंग्लैंड के कप्तान अपने साथी खिलाड़ियों की तुलना में दबाव को बेहतर तरीके से संभालते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टोक्स के मैच जिताने की क्षमता धोनी के समान है। स्टोक्स को लंबे समय से सभी प्रारूपों में बल्ले और गेंद से मैच विजेता माना जाता है। उन्होंने हाल ही में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 155 रन की शानदार पारी खेली थी और अकेले अपने दम पर टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया था। उन्होंने इस पारी में रिकॉर्ड नौ छक्के लगाए थे। यह पहली बार नहीं है, जब स्टोक्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यादगार प्रदर्शन किया है। इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड में 2019 एशेज सीरीज के दौरान इसी तरह का प्रदर्शन किया था, जब उन्होंने नाबाद 135* रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी टीम को एक विकेट से शानदार जीत दिलाई थी। पोंटिंग ने कहा कि लॉर्ड्स टेस्ट में आखिरी दिन जब स्टोक्स बल्लेबाजी कर रहे थे तो उनके दिमाग में उनकी चार साल पुरानी हेडिंग्ली वाली पारी चल रही थी। ऐसे में जब स्टोक्स 155 के स्कोर पर आउट हुए तो उन्होंने राहत की सांस ली।
पोंटिंग ने संजना गणेशन से बातचीत में कहा, “मैंने सोचा और शायद सभी ने सोचा कि वह ऐसा फिर से कर सकते हैं, क्योंकि हमने ऐसा पहले भी होते देखा है, लेकिन शायद इस बार 2019 की तुलना में इंग्लैंड के सामने बड़ा लक्ष्य था। मुझे लगता है कि एक समय पर हर किसी के दिमाग में 2019 का मैच चल रहा था, क्योंकि दोनों मौकों पर काफी समानताएं थीं। 2019 में मार्कस हैरिस ने उनका कैच छोड़ा था और इस मैच में स्टीव स्मिथ ने उन्हें जीवनदान दिया था।
टेस्ट में बेन स्टोक्स का बल्लेबाजी औसत 36 के करीब है और गेंदबाजी औसत 32 के पास है। पोटिंग का मानना है कि ये आंकड़े स्टोक्स की क्षमता को नहीं दर्शाते हैं। वह इससे बहुत बेहतर खिलाड़ी हैं। पोंटिंग ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में हमने वास्तव में क्रिकेटरों को उनके आंकड़ों के आधार पर परखा है कि उनका औसत क्या है और उन्होंने कितने विकेट लिए हैं। अगर आप बेन स्टोक्स को केवल उसी नजरिए से देखते हैं, तो इससे उन्हें उस खिलाड़ी का पूरा श्रेय नहीं मिलता है, क्योंकि उनका बल्ले से औसत 35 और गेंद से 32 है। ये आंकड़े उन्हें उस स्तर का खिलाड़ी नहीं बताते, जैसा आपने उन्हें लॉर्ड्स में खेलते देखा। या कुछ अन्य पारियां जो उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में खेली हैं। हमें क्रिकेटरों को मापने के बेहतर तरीके ढूंढने होंगे कि वे मैच को कैसे प्रभावित करते हैं, वे वास्तव में कितने मैच जीत सकते हैं, क्योंकि वह एक मैच विजेता है, यह तय है।”
स्टोक्स पिछले साल टी20 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक के साथ इंग्लैंड के लिए मैच विजेता थे। पोंटिंग दबाव झेलने और हालात के अनुसार अपने खेल को बदलने की क्षमता के कारण स्टोक्स से प्रभावित हैं और उनकी तुलना दुनिया के सबसे महान फिनिसर महेंद्र सिंह धोनी से की। पोंटिंग ने कहा, “मुझे लगता है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जब भी खेलने के लिए उतरता है तो दबाव में होता है, लेकिन बेन मध्य क्रम या बाद के क्रम में बल्लेबाजी करते हुए शायद खुद को अन्य की तुलना में अधिक मैच जीतने के अवसर वाली स्थिति में पाते हैं।”
पोटिंग ने कहा “वह धोनी के जैसे पहले खिलाड़ी हैं, जो टी20 मैच में अंत तक क्रीज पर रहते हैं और आखिरी ओवरों में मैच खत्म करते हैं। वहीं, बेन स्टोक्स टेस्ट में ऐसा करते हैं। ऐसे बहुत कम खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने टीम की कप्तानी करते हुए इस अंदाज में मैच खत्म किए हैं।”

More Stories
ICC T20 WC 2026, Semi Final 2 : Jacob Bethell ton in vain, India Edge Past England In High-Scoring Thriller To Enter Final
The ICC Men’s T20 World Cup 2026 is becoming the most digitally engaged and globally accessible edition
ICC T20 WC 2026, Semi Final 1 : Record Ton By Allen Powers New Zealand To Final